Love your imperfect Life!!
ज़िन्दगी के लम्हे बहुत सारे हैं
मगर लम्हों को समेटने के लिए
यह ज़िन्दगी बहुत छोटी है ।।
ज़हन में ख्याल बहुत सारे है
मगर ख्यालों को लिखने के लिए
सियाही बहुत कम है ।।
सियाही बहुत कम है ।।
नज़र में तस्वीरें बहुत सारी है
मगर उन तस्वीरों में भरने के लिए
रंग बहुत कम है ।।
ईन धुंधली यादों और अधुरी तस्वीरो में
जो ठूँठले खुबसूरती उसी को
कहते है जीने की कला ।।
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